ग़ुर्बत की ठंडी छाँव में याद आई उस की धूप

ग़ुर्बत की ठंडी छाँव में याद आई उस की धूप

ग़ुर्बत की ठंडी छाँव में याद आई उस की धूप
क़द्र-ए-वतन हुई हमें तर्क-ए-वतन के बाद


Gurbat kee thandee chhaanv mein yaad aaee us kee dhoop,
Qadr-e-vatan huee hamen tark-e-vatan ke baad !!